


विशेषज्ञ ज्योतिषियों का मानना है कि दैनिक फलादेश को जन्म राशि के अनुसार देखना बेहतर है। अगर आपको जन्म राशि नहीं पता तो आप अपनी नाम राशि से भी भविष्यफल देख सकते हैं। पुराने समय में वैसे भी नाम, राशि के हिसाब से ही रखे जाते थे। कई पंडितों का मानना है कि नाम राशि, जन्म राशि के बराबर ही महत्वपूर्ण है।
आज का राशिफल का फलकथन चन्द्र राशि यानी की मून साइन आधारित है। इस भविष्यकथन को सन साइन (सूर्य राशि) से पढ़ना सही नहीं होगा। भारतीय ज्योतिष में सर्वत्र चन्द्र राशि को ही महत्व दिया गया है।
भारतीय ज्योतिष में वर्तमान ग्रह स्तिथि को गोचर कहते हैं। आज का राशिफल गोचर आधारित होता है यानी की यह देखा जाता है कि आपकी राशि से वर्तमान ग्रह कहाँ स्थित हैं। आपकी राशि को लग्न मानकर उसमें गोचर के ग्रह रखकर जो कुंडली बनती है वह कुंडली फलादेश का मुख्य आधार है।
जैसा कि नाम से स्पष्ट है, फलादेश राशि के आधार पर लिखा जाता है। पूरी दुनिया के अरबों लोगों का भविष्य केवल बारह राशियों से बताना सामान्य भविष्य-कथन ही माना जाना चाहिए। सटीक भविष्यफल पाने के लिए किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी सम्पूर्ण कुंडली का विस्तृत अध्ययन करवाना चाहिए।
वैदिक ज्योतिष में राशिफल की गणना चंद्र राशि के आधार पर होती है। जन्म के समय चंद्रमा आकाश में जिस राशि में स्थित होता है, वही आपकी चंद्र राशि कहलाती है। इसके विपरीत, पाश्चात्य ज्योतिष में सूर्य राशि को अधिक महत्व दिया जाता है। इसमें जन्म के समय सूर्य जिस राशि में रहता है, वही आपकी सूर्य राशि मानी जाती है।
अगर आपकी राशि नाम के पहले अक्षर पर आधारित है, तो उसे आपकी नाम राशि कहा जाता है। ज्योतिष के अनुसार आपके नाम का पहला अक्षर आपके व्यक्तित्व के कई रहस्य खोलता है। यह आपके स्वभाव, चरित्र, पसंद–नापसंद और हाव-भाव के बारे में बहुत कुछ बताता है।